Friday, July 18, 2008

दिल्‍ली में शोषण के खिलाफ एकजुट हुए बादाम मजदूर, असंगठित थे, अब यूनियन बनाई


पूर्वी दिल्ली के करावल नगर क्षेत्र में बादाम तोड़ने के उद्योग में लगे मज़दूरों ने ठेकेदारों और गोदाम मालिकों के बर्बर शोषण तथा दमन-उत्पीड़न के विरुध्द संघर्ष के लिए कल रात यहां ''बादाम मज़दूर यूनियन'' का गठन किया तथा नवगठित यूनियन के बैनर तले एक विशाल जुलूस निकाला।


ज्ञात है कि करावल नगर इलाके में अमेरिका और आस्ट्रेलिया से आयातित बादाम को तोड़ने के काम में लगभग 10 हजार मज़दूर परिवार लगे हुए हैं और वहाँ कोई भी श्रम कानून लागू नहीं होने के चलते बादाम मजदूर भयंकर शोषण व उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। श्रम-कानून लागू करने तथा न्यूनतम मजदूरी सहित अन्य माँगों को लेकर नौजवान भारत सभा और बिगुल मज़दूर दस्ता की अगुवाई में पिछले एक माह से बादाम मजदूर अपनी यूनियन बनाने के लिए प्रयासरत थे। इस सिलसिले में मज़दूरों की अनेक बैठकें की गई थीं और पिछले माह 7 जून को मज़दूरों की एक आम सभा में सर्वसम्मति से बादाम मज़दूरों ने अपनी यूनियन बनाने का फैसला किया था। इसके बाद बादाम मज़दूरों का एक प्रतिनिधि मंडल 8 जुलाई को विश्वकर्मा नगर स्थित श्रम विभाग कार्यालय में अपनी माँगों का ज्ञापन लेकर गया था जहाँ श्रम उपायुक्त लल्लन सिंह ने किसी कार्यवाही के लिए 1 माह का समय माँगा था।


बादाम मज़दूर यूनियन के गठन के प्रयासों तथा मीडिया में मजदूरों के हालात उजागर होने से बौखलाए गोदाम मालिकों व ठेकेदारों ने गत 12 जुलाई को करावलनगर पुलिस थाने के सामने नौजवान भारत सभा और बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ताओं पर अपने गुण्डों से हमला भी करवाया था और सरेआम धमकियां दी थीं कि जो कोई भी यूनियन बनाने की कोशिश करेगा उसे जान से मार देंगे। लेकिन इन कायराना हरकतों से मज़दूरों का रोष और बढ़ा तथा यूनियन बनाने के प्रयास तेज हो गये। गत 16 जुलाई की शाम को प्रकाश विहार, करावल नगर में हुई बादाम मज़दूरों की विशाल सभा में ''बादाम मज़दूर यूनियन'' का गठन किया गया, जिसमें आम सहमति से 8 लोगों की संयोजन समिति का चुनाव किया गया। यूनियन की संयोजन समिति में दयानंद, सीतापति, सुमित्रा देवी, सुशीला देवी, रूदल, आशु, अभिनव व आशीष को सर्वसम्मति से चुना गया। इनमें से 5 सदस्य बादाम मजदूर हैं तथा अन्य नौजवान भारत सभा तथा बिगुल मजदूर दस्ता के कार्यकर्ता हैं जो काफी समय से बादाम मजदूरों को संगठित करने में लगे हुए हैं।

सभा में यूनियन के गठन की घोषणा का मजदूरों ने भरपूर उत्साह के साथ स्वागत किया। इसके बाद ''बादाम मजदूर यूनियन'' के बैनर तले हजारों की संख्या में मजदूरों का एक विशाल जुलूस निकाला गया। मजदूरों के उत्साहपूर्ण नारों के साथ जुलूस ने पूरे प्रकाश विहार तथा करावल नगर इलाके का चक्कर लगाया।

बिगुल मज़दूर दस्ता से जुड़े आशु ने कहा कि मज़दूरों को काम से निकालने, धमकाने व मार-पीट के बावजूद जिस साहस के साथ बादाम मज़दूरों ने अपनी यूनियन खड़ी की है वह इस संघर्ष की पहली जीत है और आगे भी यूनियन अपनी माँगें पूरी कराये बिना पीछे नहीं हटेगी। संयोजन समिति के सदस्य अभिनव ने कहा कि यूनियन का पंजीकरण भी जल्द ही करा लिया जायेगा जिसकी प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी गई है। यूनियन ने मजदूरों की मांगों को लेकर गतिविधियां आरंभ कर दी हैं। नौजवान भारत सभा के आशीष ने कहा कि ''बादाम मज़दूर यूनियन'' अपनी माँगों के लिए संघर्ष में कानूनी और आन्दोलनात्मक दोनों तरीकों से मालिकों को झुका कर रहेगा।

1 comment:

Ek ziddi dhun said...

चलता चले कारवां...आमीन